कॉलेज ऑफ आर्ट की 70वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी

 

दिल्ली में स्थित 'कॉलेज ऑफ आर्ट' ने अपनी 70वीं वार्षिक प्रदर्शनी का आयोजन किया है। यह इवेंट कॉलेज परिसर में आयोजित किया जाता है, जहां ग्रेजुएशन (बीएफए) और पोस्ट-ग्रेजुएशन (एमएफए) के अंतिम वर्ष के छात्रों के साथ-साथ अन्य वर्षों के मेधावी छात्रों के कार्यों को दर्शाया जाता है।


प्रदर्शनी में कला के विभिन्न माध्यमों का संगम देखने को मिलता है। इसे अलग-अलग जुड़ाव के आधार पर विभाजित किया गया है:

एप्लाइड आर्ट : यहां विज्ञापन डिजाइन, पोस्टर मेकिंग, चित्रण और ग्राफिक डिजाइन के आधुनिक प्रयोग देखे जा सकते हैं।


पेंटिंग : ऑयल पेंटिंग, वाटर कलर और एक्रेलिक माध्यमों में छात्रों ने सामाजिक सांस्कृतिक, प्रकृति को उकेरा है।

मूर्तिकला : मिट्टी, धातु, पत्थर और मिश्रित माध्यमों से बनी मूर्तियां दर्शकों को आकर्षित करती हैं।

प्रिंट मेकिंग: इसमें वुडकैट, लिथोग्राफी जैसी पारंपरिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया है।

विविधता: इस बार की प्रदर्शनी में पारंपरिक भारतीय कला शैली और आधुनिक 'इंस्टालेशन आर्ट' का अद्भुत मेल देखने को मिल रहा है।
कई छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य और नारी शक्ति जैसे विषयों पर अपनी कला के माध्यम से गहरी चोट की है।
 उद्घाटन के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को कॉलेज और प्रतिभावान छात्रों द्वारा भी सम्मानित किया जाता है, जो उनके भविष्य के करियर के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।

प्रदर्शनी केवल कला के छात्रों तक ही सीमित नहीं है; इसमें कला समीक्षक, क्यूरेटर और आम जनता भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। गैलरीज के गलियारों में आप छात्र-छात्राएं सीधे उनकी कला के पीछे की सोच पर चर्चा कर सकते हैं।
 कॉलेज ऑफ आर्ट की यह 70वीं प्रदर्शनी इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली का कला परिदृश्य कितना समृद्ध और ऊर्जावान है। यह नए कलाकारों के लिए एक बड़ा मंच है जहां वे अपनी पहचान बना सकते हैं।

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